झारखंड में अलनीनो के कारण जून में 62% कम बारिश हुई है, वहीं 30 जून और 1 जुलाई को रांची सहित कई जिलों में भारी बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्ट है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड समेत देश के 16 राज्यों में अगले दो दिनों के दौरान बारिश, तेज आंधी और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय होने के कारण मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, लेकिन मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर राज्य के कई हिस्सों में बारिश और वज्रपात का दौर जारी है, तो दूसरी ओर पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे इलाकों में हीट वेव की आशंका बनी हुई है।
झारखंड में मॉनसून की रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग ने 25 से 30 जून के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, मेघ गर्जन और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
झारखंड में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में हुई बारिश के कारण राज्य में मानसून की स्थिति मजबूत हुई है।
झारखंड में मानसूनी गतिविधियां अब धीरे-धीरे मजबूत होती दिख रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक
झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक
झारखंड के 17 जिलों में अगले 2 दिन तक तेज आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। रांची समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 21 और 22 जून तक मौसम का मिजाज लगभग एक जैसा रहेगा।
झारखंड में शुक्रवार सुबह से मौसम पूरी तरह बदला हुआ है। राजधानी रांची में लगातार बारिश हो रही है, जबकि रामगढ़, चतरा समेत कई जिलों में भी सुबह तेज बारिश दर्ज की गई। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं
मौसम विभाग ने झारखंड के 17 जिलों में 18 और 19 जून को आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कदम आगे बढ़ने के बावजूद अगले दो दिनों तक इसके कमजोर रहने के आसार हैं। इसी बीच, प्रशांत महासागर में अलनीनो (El Nino) की सक्रियता ने मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।
झारखंड में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान कोडरमा के तिलैया में सर्वाधिक 46.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।